घर के आस-पास बड़े पेड़ लगाने से पहले सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए और जहाँ बड़े पेड़ नहीं लगाए जा सकते वहाँ छोटा बगीचा लगाना चाहिए
- पक्षियों का घर : पेड़ पक्षियों और छोटे जीवों के लिए आश्रय बन जाते हैं। इससे आसपास का वातावरण जीवंत और सुखद लगता है। पेड़-पौधे पक्षियों, कीड़ों और अन्य छोटे जीवों के लिए आवास और भोजन प्रदान करते हैं, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलता है।
- ताज़ी हवा और तापमान कम करना :पेड़ छाया प्रदान करते हैं और घर के आसपास का तापमान कई डिग्री तक कम कर देते हैं। पत्तियां पानी वाष्पित करके भी आसपास के वातावरण को ठंडा करती हैं, जिससे एयर कंडीशनिंग की ज़रूरत कम होती है और ऊर्जा की बचत होती है

- ऑक्सीजन : पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) अवशोषित करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे घर के आसपास की हवा साफ और ताज़ी रहती है। वे हवा से प्रदूषकों और सूक्ष्म कणों को छानने में भी मदद करते हैं।
- घर की सुंदरता बढ़ाना: पेड़ घर के परिसर को आकर्षक और शांतिपूर्ण बनाते हैं। यह आपकी संपत्ति की कीमत भी बढ़ा सकते हैं।
- तनाव में कमी: प्राकृतिक हरियाली के बीच रहने से तनाव और चिंता का स्तर कम होता है। वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि पेड़-पौधों के आस-पास का समय मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है
- शारीरिक स्वास्थ्य: हरियाली लोगों को बाहर निकलने, टहलने और व्यायाम करने के लिए प्रेरित करती है, जिससे शारीरिक फिटनेस बढ़ती है।
- ध्वनि प्रदूषण में कमी: पेड़-पौधे घरो के आस पास और झाड़ियाँ ध्वनि अवरोधक के रूप में कार्य करते हैं, जिससे बाहर का शोर घर के अंदर कम आता है और सड़क या पड़ोस के शोर को कम करते हैं।
- मिट्टी का कटाव रोकना : पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मजबूत पकड़े रखती हैं, जिससे मिट्टी कटाव या भूमि क्षरण नहीं होता।
- हवा की नमी बढ़ाना : पेड़ वाष्पीकरण के माध्यम से वातावरण में नमी बढ़ाते हैं, जिससे वातावरण सुखद होता है। पेड़-पौधों की जड़ें बारिश के पानी को सोख लेती हैं, जिससे सतही जल का बहाव कम होता है और स्थानीय जल स्तर (ग्राउंडवाटर लेवल) रिचार्ज होता है। इससे बाढ़ का खतरा भी कम होता है
- पर्यावरण संरक्षण : पेड़ प्रदूषण कम करने, जलवायु नियंत्रित करने और जीव-जंतुओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
· घरो के आस पास बड़े पेड़ पोधे के नुकसान
घरों के आस-पास पेड़-पौधे लगाने के अनेक लाभ हैं, लेकिन अगर सही प्रजाति का चयन न किया जाए या उन्हें घर के बहुत करीब लगाया जाए, तो कुछ नुकसान और संभावित खतरे भी हो सकते हैं।
प्रमुख नुकसानों में शामिल हैं:
- बुनियाद (Foundation) को नुकसान: पेड़ की जड़ें नमी और पोषक तत्वों की तलाश में दूर तक फैलती हैं। वे घर की बुनियाद के पास की मिट्टी से पानी सोख सकती हैं, जिससे मिट्टी में सिकुड़न या फैलाव हो सकता है और बुनियाद में दरारें आ सकती हैं।
- पाइप और नालियों की क्षति: जड़ें अक्सर पानी के रिसाव वाले भूमिगत पाइपों (ड्रेनेज या सीवर) की ओर आकर्षित होती हैं। वे पाइपों में घुस सकती हैं, उन्हें अवरुद्ध कर सकती हैं, या तोड़ सकती हैं, जिससे महंगी मरम्मत की ज़रूरत पड़ सकती है।
- कीट और कृंतक (Pests and Rodents) का प्रवेश: घर के करीब पेड़ की शाखाएं गिलहरी, चूहे और विभिन्न प्रकार के कीड़ों के लिए घर के अटारी (attic), छत या दीवारों में प्रवेश करने का एक आसान रास्ता बन सकती हैं।
- तूफान और हवा से खतरा: आंधी या भारी बर्फबारी के दौरान, पेड़ या उनकी बड़ी शाखाएं टूटकर घर की छत या खिड़कियों पर गिर सकती हैं, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता है और सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता है।
- छत और नाली (Gutter) की समस्या: पत्तियों, टहनियों और अन्य मलबे के गिरने से छत की नालियां (gutters) और डाउनस्पाउट्स (downspouts) जाम हो सकते हैं। इससे पानी जमा हो सकता है, जिससे छत और बाहरी दीवारों को नमी से संबंधित नुकसान हो सकता है और फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है।
- रखरखाव की लागत: पेड़ों की नियमित छंटाई, गिरे हुए पत्तों की सफाई, और संभावित नुकसान की मरम्मत में समय और पैसा खर्च होता है।
- प्रकाश और दृश्य में रुकावट: बड़े और घने पेड़ घर में प्राकृतिक रोशनी और खिड़कियों से बाहर के नज़ारे को अवरुद्ध कर सकते हैं।
- एलर्जी: कुछ पेड़ पराग (pollen) छोड़ते हैं जो कुछ लोगों में एलर्जी या श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
इन समस्याओं से बचने के लिए, पेड़ों की परिपक्वता के समय के आकार और जड़ों के फैलाव के अनुसार उन्हें घर से उचित दूरी पर लगाना महत्वपूर्ण है।
